Bihar Cabinet Meeting 2025: बिहार की जनता के लिए एक और बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगी। इस बार की कैबिनेट मीटिंग खास तौर पर शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों के लिए बेहद अहम रही। ऐसे फैसले जो हजारों शिक्षकों, रसोइयों और राज्य के बाहर रह रहे मजदूरों की जिंदगी को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगे। आइए जानते हैं विस्तार से क्या-क्या अहम फैसले लिए गए हैं।
शारीरिक शिक्षकों को मिली बड़ी राहत, मानदेय अब 16000 रुपये
बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शारीरिक शिक्षकों के लिए एक लंबे समय से चल रही मांग आखिरकार पूरी हो गई है। पहले जहां इन शिक्षकों को महज ₹8000 मानदेय मिलता था, अब उसे दोगुना करके ₹16000 प्रति माह कर दिया गया है। यह फैसला न केवल शिक्षकों के लिए आर्थिक राहत लेकर आया है, बल्कि इससे स्कूलों में खेल और शारीरिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
सरकार के इस कदम से उन हजारों शारीरिक शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, जो वर्षों से अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे थे। अब वे बच्चों को और बेहतर ट्रेनिंग देने के लिए प्रेरित होंगे।
रसोइयों का मानदेय भी बढ़ा, अब मिलेंगे ₹3300 प्रति माह

मध्यान भोजन योजना में काम कर रहीं रसोइयों के लिए भी इस बार की कैबिनेट बैठक उम्मीद की किरण बनकर आई। रसोइयों के मानदेय को बढ़ाकर अब ₹3300 प्रति माह कर दिया गया है। ये वो महिलाएं हैं जो अपने हाथों से लाखों बच्चों का खाना बनाती हैं, लेकिन उन्हें अब तक बहुत कम मेहनताना मिलता था। इस बढ़ोतरी से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा और वे अधिक सम्मान के साथ अपने काम को कर पाएंगी।
शिक्षक बहाली में लागू हुई डोमिसाइल नीति
बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए भी यह कैबिनेट बैठक खास रही। अब बिहार में शिक्षक बहाली के लिए डोमिसाइल पॉलिसी लागू कर दी गई है। यानी अब राज्य के वे छात्र जिन्होंने मैट्रिक और इंटर की पढ़ाई बिहार से की है, उन्हें बहाली में प्राथमिकता दी जाएगी।
शिक्षक बहाली में अब कुल 100 प्रतिशत में से 84.4 प्रतिशत सीटें बिहार के डोमिसाइल धारकों के लिए आरक्षित रहेंगी। बाकी 16 प्रतिशत सीटों पर बिहार के बाहर के उम्मीदवारों को भी मौका मिलेगा। इस फैसले से लाखों बिहार के युवा जो वर्षों से शिक्षक बनने का सपना देख रहे थे, उन्हें सीधा फायदा मिलेगा।
प्रवासी कामगारों और आम जनता को मिलेगी छूट, घर लौटना होगा
त्योहारों के मौसम में अपने घर आने की चाहत रखने वाले कामगारों के लिए सरकार ने एक बड़ी घोषणा की है। अब जो प्रवासी कामगार बिहार से बाहर रह रहे हैं, उन्हें घर लाने के लिए सरकार बस मालिकों से समझौता करेगी और प्रति सीट आने-जाने के लिए ₹450 प्रोत्साहन राशि देगी। इस योजना पर सरकार 7.27 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
यह एक मानवीय कदम है, जो यह दिखाता है कि सरकार अपने नागरिकों की भावनाओं और जरूरतों को समझ रही है। अब कोई भी प्रवासी सिर्फ किराए की चिंता के कारण अपने घर लौटने से वंचित नहीं रहेगा।