Patna क्या आपको पता है पटना का इतिहास जानिए पटना के अलग-अलग नाम इस खबर में।

Patna तत्काल में बिहार राज्य की राजधनी है और इस राजधानी का एक अलग ही इतिहास है, आइए आज हम जानते है की पटना किस तरह से आज पटना बना है इसका नाम पटना कैसे पड़ा ।

Patna

पटना :– गंगा किनारे बसा ऐतिहासिक शहर है, कई हज़ार साल की इसकी इतिहास है। बिहार की इस राजधानी पटना का अलग अलग दौर में अलग अलग नाम रहा है,

पटना के अलग-अलग नाम

1. पाटलिपुत्र

2. पालीबुथर (सिकंदर के वक़्त यूनानी इसी नाम से पुकारते थे)

3. पाटलिग्राम

4. पुष्पपुर (फूलों का शहर, ये नाम चंद्रगुप्त मौर्य के सिंहासन पर बैठने के बाद इस जगह को इसी नाम से लिखा गया।)

5. कुसुमपुर

6. पद्मावती

7. पाटन

8. पटना (ये नाम शेरशाह सूरी ने रखा था)

9. अज़ीमाबाद (औरंगज़ेब के पोते द्वारा रखा गया) । एक तरफ़ पूरब दरवाज़े से पश्चिम दरवाज़े तक वहीं दूसरी साइड गंगा नदी और जल्ले से घिरा था।

पटना का इतिहास

जैसे जैसे शहर तरक़्क़ी करता ये ये पूरब से पश्चिम की तरफ़ निकल पड़ा। मॉर्य काल की चीज़े पटना में दीदारगंज इलाक़े में मिली, वहीं शेर शाह सूरी और मुग़ल से जुड़ी चीज़ जालान क़िला और उसके आस पास साफ़ साफ़ अभी भी देखा जा सकता है।

मुगल कल में पटना

और जब मुग़लों का पतन होना शुरू हुआ तो शहर पटना और तेज़ी से पूरब की जानिब गया। चूँकि शाह आलम द्वितीय की ताजपोशी पटना के इलाक़े में हुई थी, इसलिए उनके नाम से जुड़े बड़े बड़े मुहल्ले आबाद हुए, जिसमे आलम गंज, शाह गंज, सुल्तान गंज आदि क़ाबिल ए ज़िक्र हैं। और जब शहर पर अंग्रेज़ों का मुकम्मल क़ब्ज़ा हो गया तब उन्होंने, गंगा नदी के किनारे के इलाक़े पर ख़ुद को मज़बूत कर अपने गोदाम बनाए, उन्होंने कई रेलवे लाइन बिछाई, पूरब की जानिब पटना सिटी से पटना घाट रेलवे स्टेशन तक ट्रैक बिछाया, वहीं बाँकीपुर यानी आजके जंक्शन से दीघा तक रेलवे लाइन बिछाया।

धीरे धीरे शहर और तेज़ी से पूरब की जानिब जाने लगा, जितने भी नये स्कूल खुलते वो सब बांकीपुर इलाक़े की तरफ़ जाने लगे। महेंद्रू के आगे। पटना कॉलेज, बीएन कॉलेज, बिहार इंजीनियरिंग स्कूल, कॉलीजीएट स्कूल सब पुराने पटना के हुदूद से बाहर बांकीपुर पहुँच गये।

बिहार कब अलग हुआ

और जब साल 1912 में बिहार अलग राज्य बना तो राजधानी बांकीपुर का इलाक़ा बना, वहाँ नई नई इमारत बनी, विधानसभा, राजभवन, कोर्ट, पोस्ट ऑफिस, म्यूज़ियम आदि। बांकीपुर धीरे धीरे पटना हो गया, बांकीपुर रेलवे स्टेशन भी पटना जंक्शन में बदल गया। और पुराना पटना हो पटना सिटी से पटना साहिब।

Patna
——History of Patna——

पटना का विकास

हाल के दिनों में, यानी पिछले 20-25 साल में पटना बड़ी तेज़ी से पूरब से पश्चिम की तरफ़ जा रहा है। ये बांकीपुर से दीघा, राजा बाज़ार होते हुए सगुना मोड़ और फुलवारी शरीफ़ की तरफ़ जा रहा है। और इस चीज़ को बढ़ावा देने के लिए गंगा नदी पर ही सड़क बना दी गई है। जो हाल है आप नदी पर बने सड़क से सफ़र करते हुए दीदार गंज से दीघा पहुँच जायेगे। पटना पूरब से पश्चिम की तरफ़ भागता हुआ शहर हो गया है।

लेकिन सबके बीच गंगा नदी के साथ जो खिलवाड़ हो रहा है, वो बहुत ख़तरनाक है। नए शहर बसाने की जगह एक ही शहर में सारी आबादी भरी जा रही है। जो आने वाले दिन में और भी बढ़ेगा।

पटना अब नदी के किनारे बसा शहर नहीं है, बल्कि पुल के किनारे बसा शहर हो चुका है। 1912 मे बिहार एक अलग राज्य बना था और पटना उसकी राजधानी।

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