Mahatma Gandhi Death Anniversary 30 January: गांधी जी की 76वी पुण्यतिथि आज, गांधी को सबसे पहले बापू कौन बोला था ।

Mahatma Gandhi Death Anniversary 30 January: महात्मा गांधी की पुण्यतिथि हर साल 30 जनवरी को मनाया जाता है और साथ में ही इस दिन 30 जनवरी को शाहिद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को आज ही के दिन 30 जनवरी 1948 को नाथुराम गोडसे ने गोली मार दी थी जब महात्मा गांधी दिल्ली के बिड़ला हाउस में प्राथना सभा के लिए जा रहे थे उसी टाइम में नाथुराम गोडसे ने गांधी जी को गोली मार दी थी ।

Mahatma Gandhi Death Anniversary 30 January

आज देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि है, 30 जनवरी 1948 को नाथुराम गोडसे ने गोली मारकर महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी । भारत में आज गांधी जी की पुण्यतिथिमनाई जा रही है आइए जानते है की महात्मा गांधी भारत (Mahatma Gandhi) के राष्ट्रपिता कैसे बने, महात्मा गांधी को पहली बार किसने राष्ट्रपिता कहकर पुकारा था, मोहनदास करमचंद गांधी से राष्ट्रपिता बनने तक का सफर क्या है आइए जानते है ।

मोहनदास को महात्मा की उपाधि

गांधी जी का जन्म गुजरात तट पर एक हिन्दू परिवार में पैदा हुए और फिर गांधी ने लंदन के इनर टेंपल में लव की पढ़ाई की जिसके बाद 1893 में एक भारतीय का प्रतिनिधित्व करने के लिए दक्षिण अफ्रीका गए भारत में दो अनिक्षित वर्षों के बाद एक मुकदमे में व्यापारी, जहा वह एक सफल कानून के अभ्यास स्थापित करने में असमर्थ था जिसके बाद में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में 21 साल बिताए ।

Mahatma Gandhi Death Anniversary 30 January
—-Mahatma Gandhi Death Anniversary 30 January—-

यही पर गांधी जी ने एक परिवार का पालन-पोषण किया और पहली बार नागरिक अधिकारियों के अभियान में अहिंसक प्रतिरोध का इस्तेमाल किया, 1915 में 45 वर्ष की आयु में वो भारत लौटे आए अत्यधिक भूमि कराधान और भेदभाव के विरोध में तुरंत किसानों और शहरी मजदूरों को संगठित करना शुरू कर दिया था ।

महात्मा गांधी बचपन में कैसे थे

महात्मा गांधी कक जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था गांधी जी के पिता जी के नाम करमचंद गांधी और माता जी का नाम पुतलीबाई था, गांधी जी के दो भाई और एक बहन थी जिसमे गांधी सबसे छोटे थे । मोहनदास बचपन से धार्मिक थे वह पढ़ाई में ज्यादा अच्छे नहीं थे लेकिन अंग्रेजी में काफी निपुण थे ।

सबसे पहले बापू किसने कहा

महात्मा गांधी को सबसे पहले बापू के नाम से सुभाष चंद्र बॉस ने पुकार था सुभाष चंद्र बॉस ने 6 जुलाई 1944 को गांधी जी को बापू की भी उपाधि दी थी जब गांधी जी की पत्नी कस्तूरबा गांधी का निधन हुआ था तब यह शीर्षक उन्हे मिल था “बापू” का अर्थ “पिता” होता है । इसके साथ गांधी जी को दो और उपाधि भी मिली थी “महात्मा” और “राष्ट्रपिता” की उपाधि ।

राष्ट्रपिता कैसे बने गांधी

आपको बात दे की शुरू से ही सुभाष चंद्र बॉस और महात्मा गांधी के बीच मतभेद रहा था लेकिन सुभाष हमेशा से गांधी जी का सम्मान करते रहे सुभाष चंद्र ने सबसे पहले महात्मा गांधी जी को राष्ट्रपिता कहकर पुकार था जब रंगून रेडियो स्टेशन में 6 जुलाई 1944 को अपने भाषण में सुभाष ने गांधी जी को राष्ट्रपिता कह कर बुलाया था, सुभाष चंद्र बॉस ने कहा था “हमरे राष्ट्रपिता, भारत की आजादी की पवित्र लड़ाई में मैं आपके आशीर्वाद और शुभकामनाओ की कामन करता हु ।”

दरअसल सुभाष चंद्र बॉस ने ही गांधी जी को “बापू” और “राष्ट्रपिता” की उपाधि दी थी जिसके बाद सभी लोग उनको इन नामों से जानने लगे थे ।

‘हे राम’ कब बोले महात्मा गांधी

जब बापू को गोली मारी गई थी तब उनके मुह से निकले आखिरी शब्द “हे राम” थे, गोडसे भारत के विभाजन पर गांधी के विचरो से बिल्कुल ही सहमत नहीं था, सहिद दिवस पर भारत के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति, रक्षा मंत्री और तीनों सेनाओ के प्रमुख राजघाट स्थित महात्मा गांधी की समाधि पर उन्हे श्रणधजली देते है और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनके बहादुर योगदान को याद करते है ।

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